महाशिवरात्रि: ईशा फाउंडेशन में आयोजित हुआ विशेष समारोह, केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी हुए शामिल, देखें VIDEO

Mahashivratri

Image Source : ANI
जग्गी वासुदेव और अमित शाह समारोह के दौरान

कोयंबटूर: केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर ईशा फाउंडेशन में आयोजित विशेष समारोह में भाग लिया। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव इस समारोह का नेतृत्व कर रहे हैं। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘आपने जो स्थान बनाया है वह न केवल एक तीर्थ स्थल है, बल्कि यह योग, साधना, भक्ति, पश्चाताप और मुक्ति का स्थान है। ईशा योग केंद्र ने योग के माध्यम से कई लोगों के जीवन में सकारात्मकता लाई है। आदियोगी की यह प्रतिमा हमें हमारी आध्यात्मिक यात्रा के 112 तरीकों का अनुभव और पहचान कराती है। यहां आने पर हमें पता चलता है कि जीवन का अंतिम गंतव्य ‘शिवत्व’ प्राप्त करना है। ईशा योग केंद्र युवाओं को सर्वशक्तिमान के साथ जोड़ने का माध्यम बन गया है।’

अमित शाह ने कहा, ‘मैं महाशिवरात्रि के अवसर पर अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मैं बहुत आभारी हूं कि मुझे सद्गुरु के निमंत्रण पर यहां आने का मौका मिला। आज सोमनाथ से लेकर केदारनाथ, पशुपतिनाथ से लेकर रामेश्वरम और काशी से कोयंबटूर तक पूरा देश ‘शिवमय’ है। प्रयागराज में महाकुंभ का समापन हो रहा है लेकिन कोयंबटूर में भक्ति का महाकुंभ मेरे सामने है। ये त्योहार लेकिन आत्म-जागृति का अवसर है।’

क्या है मान्यता?

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि व्रत का विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से जातकों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं जिन कुंवारी कन्याओं के विवाह में कोई बाधा आ रही है और वो अगर शिवरात्रि का व्रत करती हैं तो उनका जल्द विवाह हो जाता है। साथ ही मनचाहे जीवनसाथी की भी प्राप्ति होती है। हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। इस साल यह पावन तिथि 26 फरवरी को थी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। तो आइए अब जानते हैं कि महाशिवरात्रि व्रत का पारण किस समय करना सबसे उत्तम रहेगा।

महाशिवरात्रि व्रत का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। पारण का अर्थ है व्रत को खोलना या व्रत का समापन। महाशिवरात्रि व्रत का पारण 27 फरवरी 2025 को किया जाएगा। महाशिवरात्रि व्रत के पारण का शुभ समय 27 फरवरी को सुबह 6 बजकर 59 मिनट से सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। महाशिवरात्रि व्रत पारण के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें और फिर भोग लगाने के बाद ही कुछ ग्रहण करें। अन्न का सेवन करने से पहले कोई भी फल केला या बेर खाकर व्रत खोलें। इसके बाद भोजन का सेवन करें। महाशिवरात्रि व्रत पारण के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।

Latest India News

Source link

Loksatya News
Author: Loksatya News

News channel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें